“सही मार्ग हमेशा आसान नहीं होता
और आसान मार्ग हमेशा सही नहीं होता।”
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सत्य का मार्ग प्राय आसान, विलासमय और आरामदायक नहीं होता।
इसके लिए प्रयास, समय और धैर्य की ज़रुरत होती है।
सत्य आराम का नहीं — जागरण का वादा करता है
हमें वास्तविकता के साथ सामंजस्य में लाता है और हमें सच्चाई से जोड़ता है।
दूसरी ओर, ये ज़रुरी नहीं कि आसान और सुविधाजनक मार्ग हमेशा सही ही हो।
हो सकता है कि वह कुछ देर के लिए आकर्षक, सहज और सुखद महसूस हो,
पर सम्भव है कि वह हमें सत्य की प्राप्ति के लिए सही और आवश्यक साधना से दूर ले जाए।
धर्म हमसे सुविधा नहीं, बल्कि सत्य को चुनने की प्रेरणा देता है।
धर्म यह नहीं कहता कि हम वह चुनें जो आसान और सुविधाजनक हो, बल्कि वह चुनें जो सही हो।
आसान और सुविधाजनक धारणाएं मन को तुरंत राहत देती हैं और अहंकार को भी पोषित करती हैं, पर सत्य टिकाऊ होता है और स्थायी स्पष्टता प्रदान करता है।
वह चरित्र को गढ़ता है, समझ और ज्ञान को गहरा करता है, और हमें सत्यनिष्ठा व आंतरिक शांति की ओर ले जाता है।
अंततः प्रश्न यह नहीं कि क्या आसान है --
बल्कि सत्य और सही क्या है।
" राजन सचदेव "
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