- than to look back and regret.
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उस ज़ावीऐ से देख सकूं To see from such a perspective
सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...
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बाख़ुदा -अब तो मुझे कोई तमन्ना ही नहीं फिर ये क्या बात है कि दिल कहीं लगता ही नहीं सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू दिल का आलम तो अ...
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मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
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Koi Urooj De Na Zawaal De, Mujhe Sirf Itana Kamaal De Mujhe Apni Raah Mein Daal De, Ki Zamaana Meri Misaal De Teri Rehmaton Ka Nuzoo...
Well said
ReplyDeleteAbsolutely agree.
ReplyDeleteDhan Nirankar 🙏🙏🙏
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