Saturday, February 2, 2019

नदिया और कुंआ

नदिया ने कुएँ से कहा:
तेरा और मेरा क्या मुकाबला....  
जानते हो तुझमें और मुझमें कितना फ़र्क़ है?

कुँए  ने कहा:
जितना फ़र्क़ भटकाव में और ठहराव में है 
जितना फ़र्क़ बेसबरी से भागने में और शान्ति से बैठने में है 
दूसरा - तुम प्यासे के पास चल कर जाती हो और मेरे पास प्यासा ख़ुद चल कर आता है 
तीसरा और सबसे ज़्यादा मह्त्वपूर्ण अंतर ये है कि तुम ऊपर से नीचे की ओर जाती हो इसलिए खारी हो जाती हो 
और मैं नीचे से ऊपर जाता हूँ इसलिए हमेशा मीठा ही रहता हूँ 

                       

No comments:

Post a Comment

Michhami Dukkadam मिच्छामी दुक्कड़म

I ask your forgiveness if I ever hurt you with any of my words, actions, or thoughts.  Michhami Dukkadam is an ancient traditional Jain phra...