अमीर ने जो पकड़ी है कितनी ख़ूबसूरत लकड़ी है पर उस पर जो नक़्क़ाशी है वो इक ग़रीब ने तराशी है अमीर के लिए ये सोटी है पर ग़रीब की ये रोटी है ...
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