Thursday, May 30, 2013

Zindagi kya hai

ज़िन्दगी दो दिन की है
एक दिन आप के हक में, एक दिन आप के खिलाफ
जिस दिन हक में हो, तो मत करना ग़रूर
और
जिस दिन खिलाफ हो तो सबर करना ज़रूर


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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...