कौन जानता है कि वास्तव में कोई कैसा है
जैसी जिस की धारणा - उसके लिए वैसा है
~~~~~~~~~~~~~~~~~
किसी की वास्तविकता को कौन जानता है?
कौन जानता है कि असल में कोई कैसा है?
हर व्यक्ति को हम अपनी-अपनी धारणा के अनुसार देखते और समझते हैं।
जैसी हमारी उनके प्रति धारणा है - वैसे ही वे हमें दिखाई देते हैं।
अक़्सर हम अपने मन में हर व्यक्ति की एक ख़ास छवि बना लेते हैं
और एक बार जो छवि हमारे मन में बन गयी -
वे हमें सदैव वैसे ही प्रतीत होते हैं।
" राजन सचदेव "
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
माहिर-ए-गुफ़्तार चुप हैं The Masters of Speech are Silent
गूंगों को तकल्लुम के मवाक़े हैं मयस्सर और माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं (अज्ञात लेखक) तकल्लुम = वार्ताला...
-
लालयेत पंच वर्षेषु - दश वर्षेषु ताड़येत प्राप्ते तु षोडशे वर्षे - पुत्रे मित्र वदाचरेत Laalyait Panch varsheshu - Dash varsheshu Taadyait ...
-
मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
-
If we put a diamond in a box - it becomes a jewelry box. If we put trash in it, it becomes a trash can. What we will become - depends ...
Absolutely true ji.🙏
ReplyDeleteमौलिक प्रश्न है राजन जी क्या सत्य भी धारणा मन पर ही निर्भर रहता है... तो क्या सत्य सार्वभौम रहते हुए भी व्यक्ति की धारणा पर ही रहता है। आप जी जरुर लिखिए इस विषय पर भी
ReplyDeleteVery true ji. 🙏
ReplyDeleteVery True 🙏🙏
ReplyDelete