Monday, June 28, 2021

कल वो मेरे ख़्वाब में नहीं आए kal vo meray khwaab me nahin aaye

मैंने पूछा  - कल वो मेरे  ख़्वाब में क्यों नहीं आए ?
वो बोले कल इतवार था -जज़बात के दफ्तर में छुट्टी थी 

Mainay poochha- kal vo meray khwaab me kyon nahin aaye?
Vo bolay kal Sunday tha - Jazbaat kay office me chhutti thi 

6 comments:

ज्ञान एवं विवेक के मोती

अशांत - भीड़ भाड़ और शोरोगुल से भरा जीवन उन लोगों को ही अच्छा लगता है जो नेतृत्व करना चाहते हैं  - जो अपने और दूसरों के जीवन और आस पास के परि...