Saturday, September 5, 2026

Teachers Day की शुभकामनाएं


गुरुओं एवं शिक्षकों का अपने छात्रों और अनुयायियों पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है।
वे हमेशा अपने शिष्यों को शिक्षित करने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करते हैं। 
वे किसी भी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के चरित्र को बनाने में मदद करते हैं। शिक्षक एक ऐसा दीपक है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशित करता है।

स्कूल के पहले दिन से लेकर हमारी पढ़ाई पूरी होने तक, हम कई शिक्षकों से पढ़ते और सीखते हैं। 
लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे होते हैं जो हमें जीवन भर याद रहते हैं। बहुतों के तो नाम तक भी याद नहीं रहते। लेकिन एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक शिक्षक को भूलना असंभव होता है। 
एक अच्छे शिक्षक अथवा गुरु का प्रभाव कभी मिटाया नहीं जा सकता। क्योंकि वे हमारी योग्यताओं को बेहतर बनाने में व्यक्तिगत रुप से रुचि लेते हैं । वे शिष्यों एवं अनुयायिओं का हाथ थाम कर उन्हें आगे बढ़ने में सहायता करते हैं - उनके दिल और दिमाग के दरवाजे खोलते हैं और उनके हृदय को छूते हैं। 
ऐसे गुरु और  शिक्षक छात्रों के लिए रोल मॉडल बन जाते हैं। 
इसीलिए, प्राचीन भारतीय परंपराओं में, शिक्षक या गुरु को समाज में सबसे अधिक सम्मान और सर्वोच्च स्थान दिया जाता था। गुरु को भगवान के समान माना जाता था। 
                 "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः
                 गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः"
                                                   (गुरु गीता)
         "गुरु ईश्वर, गुरु गोरख ब्रह्मा, गुरु पार्वती माई"
                                             (जपुजी साहिब)
बल्कि प्राचीन भारतीय सनातन संस्कृति में तो माता, पिता और गुरु - तीनों को भगवान का दर्जा दिया जाता था। 
                   "मातृ देवो भव - पितृ देवो भव - गुरु देवो भव"
महान गुरु एवं अच्छे शिक्षक केवल पढ़ाते ही नहीं हैं। वे अपने शिष्यों और छात्रों के मन में ज्ञान के ऐसे बीज बोते हैं जो जीवन भर प्रफुल्लित होते रहते हैं। 
वे हर कदम पर अपने शिष्यों का, अनुयाइयों का व्यक्तिगत रुप से मार्गदर्शन करते हैं, उन्हें प्रोत्साहित करके संबंधित विषय को समझने और अच्छी तरह से आत्मसात करने में मदद करते हैं, और उन्हें बेहतर बनने और ऐसी ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं जिनकी कोई सीमा नहीं है। 

एक ऐसे महान शिक्षक, एक ऐसे गुरु को खोजें, जो व्यक्तिगत स्तर पर आपकी मदद करे जो जीवन के हर कदम पर आपका मार्गदर्शन करे - आपके सभी सवालों के जवाब दे और किसी भी संदेह अथवा दुविधा को दूर करने का प्रयास करे। एक कुशल और अनुभवी शिक्षक कभी भी आपको सवाल पूछने से नहीं रोकेगा, न ही चुप रहने और उसकी हर बात को बिना किसी संदेह अथवा प्रश्न किए ज्यों का त्यों मान लेने के लिए कहेगा। अच्छे शिक्षक तो हमेशा आपको तब तक सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करेंगे जब तक आप पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं। भगवद गीता और उपनिषद इस बात का साक्ष्य हैं। 
क्योंकि जो शिक्षक वास्तव में ज्ञानी होते हैं, वे सिर्फ़ वही नहीं सिखाते जो वे जानते हैं - बल्कि वे आपको आपके अपने मस्तिष्क और अचेतन मन की गहराई तक ले जाते हैं।
महान गुरु और अच्छे शिक्षक तो अपने छात्रों को अपने से भी अधिक योग्य बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। 
           अच्छे शिक्षक कभी भी अपने शिष्यों से ईर्ष्या नहीं करते। 
यदि उनके शिष्य तरक्की करते हैं और उन से भी बेहतर बन जाते हैं तो उन्हें अपने शिष्यों से ईर्ष्या नहीं बल्कि उन पर गर्व होता है। 
यजुर्वेद में एक सुंदर प्रार्थना है जो गुरु और शिष्य के बीच एक सुंदर और मधुर संबंध दर्शाती है। यह मंत्र तैत्तिरीय, मांडूक्य और श्वेताश्वतर उपनिषदों में भी मिलता है - 
इसमें कहा गया है:
           ॐ सह नाववतु - सह नौ भुनक्तु - सह वीर्यं करवावहै
                      तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै

अर्थात हे सर्वशक्तिमान ईश्वर हम दोनों (शिक्षक और शिष्य) की रक्षा करें 
हम दोनों का पालन-पोषण करें - हम दोनों साथ मिलकर पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ कार्य करें  
हमारा ज्ञान बढ़े और फलदायी हो; हम दोनों गुरु और शिष्य  कभी भी एक-दूसरे से ईर्ष्या न करें। 
                               ~~~~~~
हमारे गुरुओं और शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही है कि हम उनकी शिक्षाओं को सीखें, समझें, आत्मसात करें और अपने जीवन में अपनाएं।
मैं स्वयं को भाग्यशाली समझता हूँ कि मुझे अपने जीवन में ऐसे कई महान शिक्षक एवं गुरुजन मिले - जिन्होंने मेरे जीवन के हर क्षेत्र में मेरी सहायता की - मेरी सोच का दायरा बढ़ाया - संकीर्णता की दीवारों को हटाया - सीमित दायरे से बाहर निकलकर खुले और व्यापक विचार अपनाने और सार्वभौमिक रुप से सोचने की प्रेरणा दी। 
उन सभी शिक्षकों एवं गुरुओं को मेरा नमन और आभार, जिन्होंने मुझे व्यक्तिगत रुप से उस मुकाम तक पहुँचने में मदद की जहाँ मैं आज हूँ । 

आइए, हम अपने भविष्य को संवारने में शिक्षकों की अहम भूमिका का आदर करें और उन्हें यथायोग्य सम्मान दें। 
                "शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ"
                                 " राजन सचदेव "



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