Tuesday, February 3, 2026

भगवान राम भी सब को संतुष्ट न कर पाए

महाराज भगवान राम ने इतने कष्ट सहे और हर प्रकार से अपनी प्रजा को संतुष्ट करने का यत्न किया 
लेकिन फिर भी उनकी प्रजा कभी संतुष्ट नहीं हुई। 
कभी उन पर उँगलियाँ उठती रहीं - तो कभी माता सीता पर लांछन लगते रहे। 
वही हाल आज भी है। 
आज भी  कुछ लोग उन पर लांछन लगाते रहते हैं। 

सोचने की बात है कि यदि भगवान राम - राजा और भगवान होते हुए भी सब को ख़ुश नहीं रख पाए 
तो क्या हम अपने सभी मित्रों परिजनों, एवं जानने वालों को ख़ुश रख पाएंगे? 

कोई भी व्यक्ति सब को संतुष्ट और हमेशा के लिए प्रसन्न नहीं रख सकता। 
कभी कभार हर इंसान की आलोचना होना तो निश्चित है।
इसलिए, यदि आपके सही काम करने पर भी कुछ आलोचना होती है तो चिंता न करें और निराश न हों। 
                                 " राजन सचदेव "  

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