Thursday, January 21, 2021

मुट्ठी में क्या है?

एक गाँव में, एक वयोवृद्ध बुद्धिमान महात्मा रहते थे। 
सभी उन  का सम्मान करते थे।
लोगों का मानना था कि उनके पास कुछ आध्यात्मिक शक्तियां हैं और वह सब कुछ जानते हैं - उनके पास सभी प्रश्नों के उत्तर हैं। 
इसलिए बहुत से लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास आते रहते थे।

लेकिन गाँव में कुछ युवा लड़के ऐसे भी थे जो उन्हें पसंद नहीं करते थे।
वह उनसे ईर्ष्या करते थे और उन्हें गलत साबित करने के तरीके सोचते रहते थे।

एक दिन उनके दिमाग में एक योजना आई।
योजना यह थी कि एक छोटे से पक्षी को अपनी मुट्ठी में लिया जाए और उस बुज़ुर्ग महात्मा से पूछा जाए कि क्या पक्षी जीवित था या मरा हुआ ?
अगर महात्मा ने कहा कि यह जीवित है, तो लड़का अपने हाथ को जोर से दबा कर पक्षी को मार देगा।
यदि उन्होंने कहा कि पक्षी मरा हुआ है, तो वह अपना हाथ खोल देगा और पक्षी को उड़ा देगा।
दोनों तरह से ही वह महात्मा हार जाएगा। 
और इस तरह वे साबित कर सकते हैं कि महात्मा गलत है और वह कुछ भी नहीं जानता।

ऐसा सोच कर उन्होंने एक बहुत ही छोटे से पक्षी को पकड़ा और महात्मा के पास गए और कहा कि इस लड़के की मुट्ठी में एक पक्षी है। 
आप बताइये वह ज़िंदा है या मरा हुआ?
महात्मा जी ने मुस्कुराते हुए कहा -
                   "बेटा - यह तुम्हारे हाथ में है "


याद रहे ..... बहुत कुछ ऐसा है जो आपके हाथ में है।

                              ' राजन सचदेव '

No comments:

Post a Comment

Education is Admirable शिक्षा प्रशंसनीय है

Education is an admirable thing,    But it is well to remember from time to time -         That nothing that is worth knowing can be taught....