Tuesday, May 5, 2015

Dhoondta Phirta Hun Apne Aap Ko


ढूँढ़ता फिरता हूँ    'इक़बाल' अपने आप को 
आप ही गोया मुसाफ़िर, आप ही मंज़िल हूँ मैं 

Dhoondta Phirta Hun Ae ‘Iqbal’ Apne Aap Ko
Aap Hi Goya Musaafir, Aap Hi Manzil Hun Mein

(O’ Iqbal! I am wandering in constant search for myself
though I am the traveler as well as the destination)

By: Allama Iqbal


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