बस एक मैं ही मैं हूँ बाक़ी सब मेरे मोहताज़ हैं ऐसा कहने वाले भी देखो मिट्टी में मिल गए (लेखक अज्ञात, नामालूम) Bas ek main hi ...
No comments:
Post a Comment