Monday, July 1, 2013

A Thought

We either make ourselves happy or miserable.
The amount of work we put in is the same.

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ज्ञान एवं विवेक के मोती

अशांत - भीड़ भाड़ और शोरोगुल से भरा जीवन उन लोगों को ही अच्छा लगता है जो नेतृत्व करना चाहते हैं  - जो अपने और दूसरों के जीवन और आस पास के परि...