and to want nothing from anyone -
Not even from God.
आशा और तृष्णा से रहित होना ही पूर्ण शांति है
अर्थात किसी से कुछ भी मिलने की इच्छा और आशा न रखना
यहाँ तक कि परमात्मा से भी नहीं
सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...
🙏🏼🙏🏼
ReplyDeleteAshirwad den ese pravrati bane🙏🙏
ReplyDelete🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteThats deep and true thought.
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDelete