Monday, July 20, 2020

पूरी ज़िंदगी लगा दी चाबी खोजने में

पूरी ज़िंदगी लगा दी चाबी खोजने में
और अंत में ये पता चला -
कि परमात्मा का घर तो हमेशा ही खुला रहता है 
वहां कभी कोई ताला लगा ही नहीं !!!

लेकिन अफ़सोस - 
कि हमने कभी उस तरफ देखने की कोशिश ही नहीं की 
और इधर उधर चाबी ढूंडने में ही लगे रहे। 

कभी ये सोचा ही नहीं कि जो ईश्वर सर्व-व्यापक है - 
कोई जगह जिस से ख़ाली है ही नहीं 
तो भला दरवाजा और ताला कहाँ - और कैसे होगा ?

12 comments:

Forget what makes you sad वो बातें भुला दो

Forget the things that make you sad Remember the moments that make you glad Forget the troubles that have passed away Enjoy the blessings th...