Saturday, January 15, 2022

सुखी एवं संतुष्ट जीवन के निर्माण के लिए

एक डॉक्टर या सर्जन बीमारी को दूर करने के लिए शरीर के किसी हिस्से में बढ़ते हुए अल्सर को काट कर निकाल देता है।

एक इमारत को पुनर्स्थापित करने के लिए पुरानी इमारत के जर्जर हिस्सों को गिरा कर उन्हें नए समकालीन डिजाईन के साथ बदल दिया जाता है।

पेड़-पौधे पुराने सूखे पत्तों को गिरने देते हैं - झाड़ देते हैं और वसंत रितु में उन पर नए पत्ते आ जाते हैं ।

इसी प्रकार एक नए - सुखी एवं संतुष्ट जीवन का निर्माण करने के लिए -
हमें पुराने दकियानूसी विचारों को छोड़ कर उन्हें नए उपयोगी और प्रैक्टिकल विचारों से बदलना होगा। 
बदलते हुए समय के साथ पुराने संकीर्ण और अनुपयोगी विचारों को भी बदलने की ज़रुरत है। 
                                             ' राजन सचदेव '

No comments:

Post a Comment

कहानी बन के रह जाएंगे One day, we will be just a story

कुल मिला कर देखूं गर, तो ज़िंदगानी अच्छी थी  रास्ते समतल न थे, फिर भी रवानी अच्छी थी  इक दिन 'राजन' भी कहानी बन के रह जाएगा, पर लोग स...