चमक दमक न देख वे सजना देख न सुंदर मुखड़े
हर मुखड़े दे पिच्छे दिल है - दिल दे अंदर दुखड़े
~~~~~~~~~~~~~~
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
True. JK
ReplyDeleteNirankar chamak damak bhi rakhe te dukhre bhi door kare.🌹🙏
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDelete🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteSach ,Sach aur sirf sach!
ReplyDelete🙏🙏🙏🙏
ReplyDelete