- than to look back and regret.
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Courtyard and the Roof
Aangan ki yeh khwahish hai ki rim jhim ki ho barsaat Aur chhat ka taqaazaa hai ki ik boond na barsay ...
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लालयेत पंच वर्षेषु - दश वर्षेषु ताड़येत प्राप्ते तु षोडशे वर्षे - पुत्रे मित्र वदाचरेत Laalyait Panch varsheshu - Dash varsheshu Taadyait ...
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मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
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बाख़ुदा -अब तो मुझे कोई तमन्ना ही नहीं फिर ये क्या बात है कि दिल कहीं लगता ही नहीं सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू दिल का आलम तो अ...
Well said
ReplyDeleteAbsolutely agree.
ReplyDeleteDhan Nirankar 🙏🙏🙏
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