Saturday, September 30, 2023

परखना मत - परखने में कोई अपना नहीं रहता

परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आइने में देर तक चेहरा नहीं रहता

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता

तुम्हारा शहर तो बिल्कुल नए अन्दाज़ वाला है
हमारे शहर में भी अब कोई हम सा नहीं रहता

मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता

कोई बादल हरे मौसम का फिर ऐलान करता है
ख़िज़ाँ के बाग़ में जब एक भी पत्ता नहीं रहता
                                      बशीर बद्र

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