Thursday, July 12, 2018

जब हम अंधेरे मे दीया हाथ मे लेकर .....

अंधेरे मे कभी हम दीया हाथ मे लेकर चलते हैं 
                तो हमें यह भ्रम हो जाता है
                                     कि हम दीये को लेकर चल रहे हैं 

जबकि सच्चाई एकदम इस से विपरीत है -
                   असल में तो दीया हमें लेकर चल रहा होता है 

ऐसे ही, कभी कभी हमारे मन में इस प्रकार के विचार आने लगते हैं 
कि हम ज्ञान के साथ सत्य के मार्ग पर अग्रसर हो रहे हैं - आगे बढ़ रहे हैं। 

लेकिन हक़ीक़त तो ये है कि ज्ञान हमें सत्य के मार्ग पर ले जाता है। 
हम ज्ञानी हैं - ये मिथ्या अभिमान है। 
ज्ञान जीवन का आधार बने - हम ज्ञान पर आधारित जीवन जीएँ -
                   इस प्रकार की सोच एवं भावना प्रेरणास्पद है 

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