विलासिता और झूठ को बनाए रखने में बहुत ज़्यादा खर्च आता है
लेकिन
सत्य और सादगी को क़ायम रखने में कोई खर्च नहीं आता।
निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस क़दर साक़ी उसी को जाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Nizaam-e-maikada bigadaa hua hai i...
🙏🌹💕🙏🕯
ReplyDeleteVery true
ReplyDeleteProven truth and shall remain so till eternity
ReplyDelete🙏🙏
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