Wednesday, February 9, 2022

अपने दृष्टिकोण से न परखें

किसी भी व्यक्ति को अपने दृष्टिकोण से परखने की कोशिश न करें 
- अपने हिसाब से लोगों का निरीक्षण न करें

क्योंकि आप नहीं जानते कि उनका जीवन कैसा है
- कि उनके जीवन में क्या चल रहा है
और वे किस दौर से गुजर रहे हैं।

अगर आप उनके साथ हमदर्दी नहीं कर सकते
तो उनका मज़ाक़ बना कर उनके दुःख को और बढ़ाने का काम तो न करें।
                                                        ' राजन सचदेव '

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...