Sunday, August 26, 2018

फ़ोन का बिल

एक सज्जन शाम को घर आये तो देखा कि उनकी टेबल पर इस महीने का फ़ोन का बिल पड़ा था। 
उठा कर देखा तो बहुत हैरान हुए। इस महीने का बिल पिछले महीनों के बिल से बहुत अधिक था। 
ये जानने के लिए कि इतना ज़्यादा बिल क्यों आया, उन्होंने घर के सब लोगों को बुलाया।

पिता: यह तो हद हो गई। इतना ज़्यादा बिल? 
मैं तो घर का फ़ोन इस्तेमाल ही नहीं करता, सारी बातें ऑफ़िस के फ़ोन से करता हूँ।

माँ: मैं भी ज़्यादातर ऑफ़िस का ही फ़ोन यूज़ करती हूँ। 
सहेलियों के साथ इतनी सारी बातें घर के फ़ोन से करूंगी तो कैसे चलेगा।

बेटा: पिता जी - आपको तो पता ही है कि मैं सुबह सात बजे घर से ऑफ़िस के लिए निकल जाता हूँ। 
मुझे जिस से बात करनी होती है ऑफ़िस के फ़ोन से ही करता हूँ।

बेटी: मेरी कम्पनी ने मेरी डेस्क पर भी फ़ोन दिया हुआ है - मैं तो सारी कॉल्स उसी से करती हूँ। 

"फिर ये घर के फ़ोन का बिल इतना कैसे आया "? पिता ने पूछा। 

घर की नौकरानी चुपचाप खड़ी सब की बातें सुन रही थी। 
सबकी प्रश्न भरी निगाहें अब उसी की ओर उठ गयीं ....

वो बोली: “आप सब भी तो जहां पर काम करते है, वहीं  का फ़ोन इस्तेमाल करते हैं 
         मैंने भी वही किया तो क्या ग़लत किया ?”
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              जो हम स्वयं करते हैं, वो हमें बुरा नहीं लगता 
              लेकिन वही काम कोई और करे तो...... ?



2 comments:

  1. What a solid message!

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  2. Sahi baat hai lekin baat samjhane ka tarika intresting hai 🤣

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