Monday, April 9, 2018

कीमत भक्ति की नहीं Keemat Bhakti Ki Nahin

क़ीमत  पानी की नहीं  - प्यास की होती है
क़ीमत मौत की नहीं  - स्वास की होती है
यूँ तो करता है भक्ति हर कोई मगर 
क़ीमत भक्ति की नहीं - विश्वास की होती है।।

Keemat paani ki nahin - pyaas ki hoti hai

Keemat maut ki nahin - swaas ki hoti hai
Yoon to Kartaa hai bhakti har koi magar
Keemat bhakti ki nahin - vishvaas ki hoti hai

3 comments:

कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...