Tuesday, October 22, 2024

मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है

                        तजुर्बा कहता है - मिट्टी की पकड़ मजबूत है
                   संग-ए-मरमर पर अक़्सर ही पाँव फिसलते देखे हैं 

मिट्टी - ग़रीबी अर्थात विनम्रता का प्रतीक है 
और संग-ए-मरमर अमीरी - अर्थात वैभव और शान-ओ-शौक़त के दिखावे का प्रतीक है। 
 
अमीरी और वैभव के शान-ओ-शौक़त के दिखावे से समाज में बहुत देर तक प्रतिष्ठा क़ायम नहीं रखी जा सकती। 
दौलत एवं शान-ओ-शौक़त का अभिमान स्वयं के उत्थान में भी बाधा ही साबित होता है।  

दूसरी तरफ - विनम्रता और हलीमी की पकड़ मजबूत होती है - 
जो लोगों के दिलों में घर कर जाती है और हमेशा के लिए मन में बसी रहती है। 
                                           " राजन सचदेव "

1 comment:

उस ज़ावीऐ से देख सकूं To see from such a perspective

सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो  अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो  ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं  जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...