Saturday, May 11, 2024

जो कुछ चाहिए वह आपके अंदर ही है

आपको जो कुछ भी चाहिए वह आपके अंदर ही है।

आपको अपनी व्यक्तिगत प्रगति के लिए जो कुछ भी चाहिए वह पहले से ही आपके पास है। 
अपने जीवन में कर्म की अग्नि प्रज्वल्लित करने के लिए दूसरों से प्रेरणा की प्रतीक्षा करने की ज़रुरत नहीं है। 
आपके अंतर्मन में ही इस दीपक को जलाने  के लिए माचिस मौजूद है - 
इसका प्रयोग करें - अपना रास्ता प्रकाशमान करें - 
और साहस और आत्मविश्वास के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहें।
                                      " राजन सचदेव "

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...