Tuesday, January 19, 2021

कर्म की गठरी सर पे लादे Karm kee gathree sar pay laaday

कर्म की गठरी सर पे लादे फिरता है इंसान ! 
जैसी करनी वैसी भरनी विधि का यही विधान !
!

कर्म करे किस्मत बने - यही जीवन का मर्म !
हर प्राणी के भाग्य में है उसका अपना कर्म !!

Karm kee gathree sar pay laaday phirtaa hai insaan ! 
Jaisi karni vaisi bharni - Vidhi kaa yahi vidhaan !! 

Karm karay kismat banay - yahee jeevan ka marm ! 
Har praani kay bhaagya mein hai uska apnaa karm !!

3 comments:

छोड़ा नहीं किसी को भी यलग़ार-ए-वक़्त ने Time’s relentless onslaught spares no one

बरपा किए वो दौरे ज़माने तग़य्युरात  गाड़ी नई  थी जिसका खटारा बना दिया  छोड़ा नहीं किसी को भी यलग़ार-ए-वक़्त ने  आख़िर खजूर को भी छुआरा बना दिया    ...