किसी का भी क़द इतना बड़ा नहीं है कि वो आने वाले कल को देख सके और उसे बदल सके।
और कोई इतना अमीर भी नहीं है कि अपने बीते हुए कल को खरीद सके।
इसलिए, विनम्र रहें और वर्तमान समय की क़दर करें।
हम अपने जीवन का ज़्यादातर समय या तो बड़ी बड़ी उम्मीदों के साथ आने वाले कल के पीछे भागने, और अपनी पहुँच से बाहर की चीज़ों को पाने की कोशिश में लगा देते हैं
और या फिर पुरानी यादों में उलझे रहते हैं। चाहे वे यादें खुशी की हों, या दुख और दर्द भरी - हम उन्हें पकड़े रहते हैं।
लेकिन न तो आने वाला कल हमारा है और न ही बीता हुआ कल।
आने वाला कल तो सिर्फ एक संभावना है, और बीता हुआ कल कुछ खट्टी-मीठी यादों का पुलिंदा है।
याद रहे कि ज़िंदगी हमेशा वैसी नहीं चलती जैसी हम चाहते हैं।
जीवन में कभी खुशी मिलती है तो कभी चुनौतियाँ। कभी भरपूर खुशियाँ तो कभी अनिश्चितता।
समझदारी इसी में है कि जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार कर के वर्तमान समय की क़दर करना सीखें।
कोई भी ऊँचे से ऊँचा पद, धन-दौलत, अथवा शक्ति हमें समय पर नियंत्रण नहीं दिला सकती।
हम कभी भी इतने शक्तिशाली नहीं हो सकते कि आने वाले कल को अपने हिसाब से चला सकें
और न ही इतने अमीर हो सकते हैं कि बीते हुए कल को खरीद सकें।
इसलिए, विनम्र रहने का प्रयत्न करें । विनम्रता अपनाएं।
जो है, उसके लिए कृतज्ञ रहें - शुक्रगुज़ार रहें।
और वर्तमान समय का उपयोग समझदारी और विवेक से करें।
" राजन सचदेव "
dhan nirankar ji
ReplyDeleteYou make us Speechless maharaj
ReplyDeleteThanks for guiding
Mahesh sukheja