बहुत से लोग अक़्सर मुझ से भापा राम चंद जी के बारे में पूछते रहते हैं।
वो कैसे थे? उनका स्वभाव कैसा था?
मेरी समझ के अनुसार - भापा राम चंद जी के महानतम गुण थे -
उनकी सादगी, सहजता और स्पष्टवादिता।
अपने इन्ही गुणों के कारण वो हर एक का दिल जीत लेते थे।
उनके रहन सहन एवं खान पान में अत्यंत सादगी थी।
कंधे पर रखे एक थैले में दो जोड़े कपड़ों के साथ वो अक़्सर अकेले ही पंद्रह बीस दिन की प्रचार यात्रा पर निकल पड़ते थे।
जो भी व्यक्ति उनसे मिलता था वो उनकी सादगी, सहजता, सरलता और नम्रता से प्रभावित हो कर उनके आगे नतमस्तक हो जाता था।
सादगी मन को हल्का, मुक्त और जमीन से जोड़े रखती है।
सरल हृदय सद्गुणों से भरपूर होता है।
यदि जीवन शैली में - अर्थात रहन सहन में सादगी हो तो पवित्रता, विनम्रता, एवं धार्मिकता स्वाभाविक रुप से स्वयंमेव ही विकसित होने लगती हैं।
अपने जीवन को बेहतर और भापा जी की तरह ही शांत एवं आनंदमयी बनाने के लिए हमें भी उन्हीं की तरह सादगी, सरलता, सहजता और स्पष्टवादिता जैसे गुणों को अपने जीवन में धारण करने का प्रयत्न करना चाहिए।
" राजन सचदेव "
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