जीवन तो सिर्फ संभावनाएँ और अवसर प्रदान करता है।
यह हम पर निर्भर करता है कि हम उनका सदुपयोग करें या व्यर्थ जाने दें—
उन्हें अनदेखा कर दें या उन्हें सफलता में बदल लें।
इच्छा के रहते प्राण चले जाएं तो वह मृत्यु अर्थात कालचक्र अथवा आवागमन की क्रिया का एक अंग है। और अगर प्राण के रहते इच्छाएं चली जाए तो वह मुक...
Well said...
ReplyDeleteAbsolutely
ReplyDeleteThat is the truth of life...you said it very well ji !
ReplyDeleteAnil Gambhir
Most practical 🙏🏿
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