Saturday, January 9, 2016

सकूने दिल के लिए कोई सहारा चाहिए

सकूने दिल के लिए कोई सहारा चाहिए 
 डूबती कश्ती को कोई किनारा चाहिए 

माना - सब कुछ हाथ है परवरदिगार के 
 ज़िंदगी पे कुछ तो हक़ हमारा चाहिए 

अपने लोग भी जो साथ छोड़ने लगें 
ऐसे में कहिए - किसे पुकारा चाहिए 

पहुंचना मंज़िल पे मुसाफ़िर का काम है 
 राहबर का तो सिर्फ़ इशारा चाहिए 

जिस रास्ते पे ठोकरें ही ठोकरें मिलीं 
उस रास्ते पे जाना न दोबारा चाहिए

अपनी कोशिशें सिर्फ़ काफ़ी नहीं 'राजन'
मुरशिदे- क़ामिल का भी सहारा चाहिए 

               'राजन सचदेव '
                    22 दिसंबर, 2015 



3 comments:

  1. क्या ख़ूब कहा है आपने जी ..

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  2. Wah kya baat hai
    Sudhir

    ReplyDelete

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